✦ 🙏 श्री श्री राधा कृष्ण मंदिर में आपका हार्दिक स्वागत है 🙏 पंडित विवेक पांडेय के मार्गदर्शन में अनुभवी आचार्यों द्वारा विधि-विधान एवं वैदिक परंपरा के अनुसार पूजा, यज्ञ, हवन, अनुष्ठान एवं ज्योतिषीय परामर्श संपन्न कराए जाते हैं। ✦ ✦ धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में संचालित सटीक धार्मिक पूजा-पाठ। ✦ ✦ मंत्रोक्त दक्षिणा युक्त सस्वर रुद्रपाठ एवं शुभ अनुष्ठान ✦ ✦ 🙏 श्री श्री राधा कृष्ण मंदिर में आपका हार्दिक स्वागत है 🙏 पंडित विवेक पांडेय के मार्गदर्शन में अनुभवी आचार्यों द्वारा विधि-विधान एवं वैदिक परंपरा के अनुसार पूजा, यज्ञ, हवन, अनुष्ठान एवं ज्योतिषीय परामर्श संपन्न कराए जाते हैं। ✦ ✦ धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में संचालित सटीक धार्मिक पूजा-प ✦ ✦ मंत्रोक्त दक्षिणा युक्त सस्वर रुद्रपाठ एवं शुभ अनुष्ठान ✦
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गृह शांति एवं सकारात्मकता के लिए प्राचीन वास्तु नियम

<p><strong style="font-size: 1.17em;">वास्तु शास्त्र सनातन परंपरा का एक प्राचीन वैदिक विज्ञान है, जो प्रकृति, ऊर्जा और भवन के बीच संतुलन स्थापित करने का मार्गदर्शन देता है। यह पंचमहाभूतों — भूमि, जल, अग्नि, वायु और आकाश — के सही सामंजस्य पर आधारित है, जिससे घर एवं व्यापारिक स्थान में सकारात्मक वातावरण बना रहे।</strong></p><p><strong>श्री श्री राधा कृष्ण मंदिर, धनबाद में पंडित विवेक पांडेय के मार्गदर्शन में वैदिक सिद्धांतों के अनुसार वास्तु संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है, जिसमें दिशाओं, ऊर्जा संतुलन और पवित्र स्थानों के उचित महत्व को समझाया जाता है।</strong></p><p><strong>मुख्य वास्तु सिद्धांत:</strong></p><p><strong>१. मुख्य द्वार एवं गृह प्रवेश:</strong></p><p> वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार का विशेष महत्व होता है। सही दिशा में स्थित प्रवेश द्वार घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।</p><p><strong>२. पूजा स्थान (देव स्थान):</strong></p><p> ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) को पूजा स्थल के लिए शुभ माना जाता है। घर में उचित स्थान पर बनाया गया पूजा कक्ष आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।</p><p><strong>३. जल व्यवस्था:</strong></p><p> वास्तु सिद्धांतों के अनुसार जल स्थान का सही निर्धारण पंचतत्वों के संतुलन को बनाए रखने में सहायक होता है।</p><p><strong>वैदिक वास्तु मार्गदर्शन के माध्यम से हमारा उद्देश्य भक्तों को शांतिपूर्ण, सकारात्मक एवं आध्यात्मिक वातावरण बनाने में सहायता प्रदान करना है।</strong></p>